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141 साल तक जीने वाली कछुए की मौत, आप भी जानिए इस असाधारण लंबी उम्र का राज

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Posted On:Friday, November 28, 2025

मुंबई, 28 नवंबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन) दुनिया के सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले जीवों में से एक, गैलापागोस कछुए 'ग्रैम्मा' का 141 साल की उम्र में निधन हो गया है। अमेरिका के सैन डिएगो चिड़ियाघर (San Diego Zoo) की सबसे उम्रदराज़ निवासी ग्रैम्मा ने 20 नवंबर को अंतिम साँस ली।

दो विश्व युद्धों की साक्षी

  • उम्र: ग्रैम्मा की अनुमानित उम्र 141 साल थी। इस दौरान उसने दो विश्व युद्ध और लगभग 20 अमेरिकी राष्ट्रपतियों का शासन देखा।
  • चिड़ियाघर में आगमन: जू अधिकारियों के मुताबिक, ग्रैम्मा 1928 या 1931 के आसपास ब्रोंक्स जू से गैलापागोस कछुओं के पहले समूह के हिस्से के रूप में सैन डिएगो जू में आई थी।
  • 'जू की रानी': अपने प्यारे और शर्मीले व्यक्तित्व के कारण वह जू में आने वाले लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थी और उसके केयर स्पेशलिस्ट उसे प्यार से "जू की रानी" कहकर पुकारते थे।
  • निधन का कारण: जू की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि ग्रैम्मा अपनी बढ़ती उम्र की वजह से हड्डियों की दिक्कतों से जूझ रही थी, जो हाल के दिनों में काफी बढ़ गई थीं।


लंबी उम्र का रहस्य क्या है?

ग्रैम्मा गैलापागोस कछुओं की उस दुर्लभ प्रजाति से ताल्लुक रखती थी जो अपनी असाधारण लंबी उम्र के लिए जाने जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि कछुओं के इतने लंबे समय तक जीने के पीछे कई कारण हैं:
  • धीमा चयापचय (Slow Metabolism): कछुओं में ऊर्जा खर्च करने की दर बहुत धीमी होती है। उनका दिल प्रति मिनट केवल 6 बार धड़कता है, जिससे उनके अंग (फेफड़े, गुर्दे, हृदय) कम थकते हैं।
  • डीएनए मरम्मत प्रणाली: शोधकर्ताओं का मानना है कि कछुओं की लंबी उम्र का रहस्य उनके डीएनए स्ट्रक्चर में छिपा है। उनके जीन वेरिएंट लंबे समय तक सेल के भीतर डीएनए की मरम्मत करते रहते हैं, जिससे कोशिकाओं के नष्ट होने की समय सीमा बढ़ जाती है।
  • विकास की धीमी दर: कुछ शोधों में यह पाया गया है कि कछुओं की कई प्रजातियाँ बूढ़ी ही नहीं होतीं। वे अपनी मृत्यु तक बढ़ते रहते हैं और प्रजनन की क्षमता बनाए रखते हैं, जो इंसानों से अलग है।
  • आहार और देखभाल: ग्रैम्मा को रोमेन लेट्यूस (Romaine Lettuce) और कैक्टस फल जैसे खाद्य पदार्थ पसंद थे। इंसानी कैद में उन्हें सुरक्षित वातावरण और अच्छी देखभाल मिलती है, जिससे उनकी उम्र और भी बढ़ जाती है।

सैन डिएगो चिड़ियाघर में ग्रैम्मा की मौत से दुनिया भर के पशु प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है। गैलापागोस कछुए जंगल में 100 साल से अधिक जी सकते हैं, लेकिन ग्रैम्मा ने 141 साल का जीवन जीकर एक असाधारण रिकॉर्ड बनाया।


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