ताजा खबर
"रणदीप हुड्डा की भावुक श्रद्धांजलि: सरबजीत सिंह की पुण्यतिथि पर दिल छूने वाला संदेश"   ||    बेल्लमकोंडा श्रीनिवास ने अपनी पत्नी काव्या के लिए किया रोमांटिक खुलासा, कैप्शन बना सोशल मीडिया पर हि...   ||    'बंदर' की स्क्रीनिंग: बॉबी देओल और निखिल द्विवेदी की मौजूदगी ने बढ़ाई फ़िल्म की उम्मीदें"   ||    'पति पत्नी और वो दो का ट्रेलर रिलीज हुआ   ||    सावधान! आपकी रोजाना की बाइक राइड चुपचाप बढ़ा रही है आपकी उम्र नजरअंदाज न करें ये बड़ा कारण   ||    जब मस्तिष्क को न मिले पर्याप्त ऊर्जा जानिए ग्लूकोज की कमी के शुरुआती संकेत और खतरे   ||    लुप्तप्राय पीकॉक टैरंटुला मकड़ी को बचाने के लिए शुरू हुआ विशेष सर्वेक्षण पवन कल्याण ने बताया पूर्वी ...   ||    ओपनएआई (OpenAI) और AGI: सैम ऑल्टमैन का नया दृष्टिकोण   ||    उबर का बड़ा धमाका अब ऐप से बुक होंगे होटल, AI वॉइस कमांड से मिलेगी टैक्सी   ||    रोजाना 80 ग्राम प्रोटीन कैसे प्राप्त करें आसान इंडियन मील प्लान   ||   

राजस्थान की अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Wednesday, July 23, 2025

मुंबई, 23 जुलाई, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। राजस्थान की अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने के कारण पिछले छह दिनों से न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। यह मामला बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत में तब सामने आया जब एक डकैती मामले में सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता पक्ष ने निचली अदालत से दस्तावेज न मिलने की बात कही। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए ज्यूडिशियल रजिस्ट्रार से गुरुवार सुबह तक इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई उस समय हो रही थी जब इबरा उर्फ इबरान ने डकैती के एक केस में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात साल की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। सरकार की ओर से बताया गया कि आरोपी पर करीब 15 मामले दर्ज हैं। अपीलकर्ता के वकील जिया उर रहमान ने कहा कि इनमें से अधिकांश मामलों में वह बरी हो चुका है जबकि कुछ में ट्रायल जारी है। कोर्ट ने जब इन मामलों से संबंधित दस्तावेज क्यों नहीं लगाए गए, यह पूछा तो वकील ने बताया कि निचली अदालतों के न्यायिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं, इसलिए सत्यापित प्रतियां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।

न्यायिक कर्मचारियों का कहना है कि वे राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के बैनर तले कैडर पुनर्गठन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेन्द्र नारायण जोशी ने बताया कि यह मांग पिछले दो वर्षों से लंबित है। हाईकोर्ट की फुल बेंच ने 6 मई 2023 को इस संबंध में एक प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें प्रमोशन के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्य कर्मचारियों के कैडर का पुनर्गठन तो जल्द कर दिया गया, लेकिन न्यायिक कर्मचारियों के साथ सरकार भेदभाव कर रही है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.