नयी दिल्ली: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले दिनों में मौसम के कई रंग देखने को मिलेंगे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 09 मई 2026 को जारी अपने नवीनतम बुलेटिन में देश के भौगोलिक हिस्सों के लिए अलग-अलग चेतावनियाँ जारी की हैं। एक ओर जहाँ उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में धूल भरी आंधी और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी रहने और पश्चिम भारत में प्रचंड गर्मी का प्रकोप बना रहने का अनुमान है।
पहाड़ों से मैदानों तक आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 11 से 14 मई 2026 के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है।
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हिमालयी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इस अवधि के दौरान 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने के आसार हैं। विशेष रूप से 12 और 13 मई को उत्तराखंड और हिमाचल के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी दी गई है।
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मैदानी इलाके: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में 11 मई की शाम से मौसम करवट लेगा। धूल भरी आंधी के बाद हल्की बारिश होने से दिल्लीवासियों को बढ़ती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
दक्षिण में बारिश और पश्चिम में 'हीटवेव'
दक्षिण भारतीय राज्यों केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में अगले सात दिनों तक भारी वर्षा (7-11 सेमी) होने की प्रबल संभावना है। इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ के इलाकों में भीषण लू (Heatwave) का कहर जारी रहेगा। पिछले 24 घंटों में जैसलमेर में पारा 45.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जिससे यह देश का सबसे गर्म क्षेत्र बना हुआ है।
पूर्वी भारत में भी पश्चिम बंगाल और बिहार में तेज तूफान की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों को विशेष रूप से सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और बागवानी को सुरक्षित रखने के इंतजाम पहले से ही कर लें। दिल्ली में 10 मई तक तापमान 39-40 डिग्री तक पहुँचने के बाद धूल भरी आंधी चलने से धूल के गुबार छा सकते हैं, जिससे दृश्यता और वायु गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना है।