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खाद्य सब्सिडी में क्रांतिकारी बदलाव: चंडीगढ़ और दादर एवं नगर हवेली में e-Rupee आधारित DBT की शुरुआत

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Posted On:Thursday, August 13, 2026

भारत सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और कल्याणकारी योजनाओं के हस्तांतरण को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक नया मील का पत्थर हासिल करने जा रही है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ तथा दादर एवं नगर हवेली में 14 अगस्त 2026 से 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (PMGKAY) के तहत डिजिटल रूपी (e-Rupee) के माध्यम से शत-प्रतिशत खाद्य सब्सिडी हस्तांतरण (DBT) व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत हो रही है।

गुजरात और पुडुचेरी में चलाए गए शुरुआती पायलट परीक्षणों की सफलता के बाद, दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में सभी पात्र लाभार्थियों को इस प्रणाली के दायरे में लाया गया है।

'पर्पज-बाउंड' (Purpose-Bound) डिजिटल मुद्रा की विशेषताएं

  1. लक्ष्य-आधारित ई-वॉलेट भुगतान:

    आरबीआई (RBI) द्वारा जारी यह सीबीडीसी (CBDC) डिजिटल टोकन 'पर्पज-बाउंड' यानी उद्देश्य-निर्धारित है। इसका अर्थ है कि लाभार्थी के ई-वॉलेट में हस्तांतरित राशि का उपयोग केवल और केवल राशन की आधिकारिक दुकानों (Fair Price Shops) पर गेहूं या चावल खरीदने के लिए किया जा सकेगा।

  2. हेराफेरी और दुरुपयोग पर पूर्ण विराम:

    पारंपरिक बैंक हस्तांतरण के विपरीत, इस डिजिटल टोकन से मोबाइल रिचार्ज, निजी वस्तुएं या अन्य गैर-जरूरी खरीदारी नहीं की जा सकेगी। इससे सरकारी पैसे का शत-प्रतिशत सही उपयोग सुनिश्चित होगा।

  3. 30 दिनों की वैधता (Auto-Refund):

    ई-वॉलेट में प्राप्त सब्सिडी राशि केवल 30 दिनों के लिए वैध रहेगी। यदि निर्धारित अवधि के भीतर अनाज की खरीद नहीं की जाती है, तो अप्रयुक्त राशि स्वचालित रूप से सरकारी खजाने में लौट जाएगी।

कैसे एक्टिवेट करें सेवा?

लाभार्थियों को PNB Digital Rupee या संबंधित बैंक का ई-रुपया वॉलेट ऐप इंस्टॉल करना होगा। इसके बाद नजदीकी खाद्य आपूर्ति कार्यालय या विशेष शिविरों में जाकर अपने पंजीकृत बायोमेट्रिक/मोबाइल क्रेडेंशियल्स के जरिए केवाईसी (KYC) सत्यापन कराना होगा। किसी भी तकनीकी सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन सेवा उपलब्ध कराई गई है।


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