ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

आरबीआई मौद्रिक नीति समिति की द्विमासिक बैठक शुरू: रेपो दर 5.25% पर स्थिर रहने की संभावना, खुदरा ग्राहकों की नजर ईएमआई पर

Photo Source :

Posted On:Monday, August 3, 2026

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक 3 अगस्त से शुरू हो चुकी है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में आयोजित हो रही इस बैठक के फैसलों की घोषणा 5 अगस्त को की जाएगी। आगामी त्योहारों से ठीक पहले आयोजित हो रही इस समीक्षा बैठक पर देश के करोड़ों होम लोन, ऑटो लोन तथा अन्य ईएमआई (EMI) चुकाने वाले ग्राहकों की नजरें टिकी हुई हैं। बाजार विश्लेषकों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रिजर्व बैंक इस बार भी नीतिगत रेपो दर (Repo Rate) को 5.25 प्रतिशत पर ही यथावत रख सकता है।

मौद्रिक समीक्षा के दौरान मुख्य ध्यान घरेलू मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने और आर्थिक वृद्धि दर को मजबूती प्रदान करने पर रहेगा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, लाल सागर में आपूर्ति बाधाओं और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण थोक व खुदरा मूल्य सूचकांक पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसके अतिरिक्त अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक फिलहाल 'इंतजार करो और देखो' (Wait and Watch) का रुख अपना सकता है, ताकि वित्तीय बाजार में तरलता (Liquidity) का संतुलन बना रहे।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि के सकारात्मक संकेतों और मानसूनी परिस्थितियों में सुधार के कारण तत्काल दरों में वृद्धि की संभावना बेहद कम है। हालांकि, यदि क्रूड ऑयल की दरें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कड़े मौद्रिक कदमों पर विचार किया जा सकता है। वर्तमान परिस्थितियों में रेपो रेट स्थिर रहने से खुदरा ग्राहकों को लोन ब्याज दरों में तात्कालिक राहत मिलेगी और बैंक ईएमआई पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना नहीं है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.