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अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-2 ने तीन वरिष्ठ पत्रकारों को जेल भेजा: मीडिया संघ ने जताई कड़ी चिंता

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Posted On:Tuesday, August 25, 2026

बांग्लादेश की विशेष अदालत 'इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-2' (ICT) ने जुलाई 2024 के जनआंदोलन से जुड़े मामलों में तीन प्रमुख वरिष्ठ पत्रकारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अदालत ने भोरर कागोज के पूर्व संपादक श्यामल दत्ता, एकात्तर टीवी के प्रबंध निदेशक मोजम्मेल हक बाबू और मुख्य संवाददाता फरजाना रूपा के खिलाफ यह आदेश सुनाया। इन पत्रकारों पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भड़काऊ सवाल पूछने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ माहौल बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अगस्त 2024 में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से ही ये पत्रकार अलग-अलग मामलों में हिरासत में थे, जिन्हें बाद में मानवता के खिलाफ अपराध से जुड़ी धाराओं में शामिल कर लिया गया। अभियोजन पक्ष का दावा है कि पत्रकारों की टिप्पणियों ने तत्कालीन सरकार के रुख को आक्रामक बनाया, जबकि बचाव पक्ष के वकीलों का तर्क है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछना केवल उनके पेशेवर दायित्व का हिस्सा था और इसमें किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य शामिल नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों और सीजेए ने इस अदालती कार्रवाई पर गहरा विरोध जताया है। मानवाधिकार और पत्रकार संगठनों ने बांग्लादेशी प्राधिकारियों से आग्रह किया है कि पत्रकारिता की रिपोर्टिंग को अपराध की श्रेणी में न डाला जाए और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाए।


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