ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

भारतीय यूज्ड लग्जरी कार बाजार में उछाल: पारदर्शिता और सर्टिफिकेशन ने बदला ग्राहकों का नजरिया

Photo Source :

Posted On:Wednesday, September 9, 2026

भारत में प्री-ओन्ड यानी सेकंड हैंड लग्जरी कारों का बाजार अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक संगठित और भरोसेमंद उद्योग का रूप ले चुका है। हालिया उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, देश में प्रयुक्त लग्जरी गाड़ियों की मांग में सालाना 20 से 25 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की जा रही है। जो ग्राहक पहले 20 से 30 लाख रुपये के बजट में नई मिड-साइज़ या कॉम्पैक्ट SUV खरीदते थे, वे अब उसी बजट में मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसे प्रीमियम ब्रांड्स की कम चली हुई गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

इस सेगमेंट में आए इस बड़े बदलाव पर प्रकाश डालते हुए 'ऑटोबेस्ट एम्पेरियो' (Autobest Emperio) के संस्थापक अवनीत सिंह कोहली ने बताया कि 2015 के बाद से इस बाजार का स्वरूप तेजी से बदला है। पहले जहां ग्राहक बिचौलियों और स्थानीय डीलरों के कारण गाड़ियों की स्थिति व कागजी कार्रवाई को लेकर आशंकित रहते थे, वहीं अब 100 से अधिक क्वालिटी चेक्स, विस्तृत सर्विस हिस्ट्री और सर्टिफाइड वारंटी ने इस भरोसे को मजबूत किया है। 2012 में सालाना लगभग 100 कारें बेचने वाले संगठित डीलर आज प्रति माह 40 से 50 यूनिट्स की बिक्री कर रहे हैं।

गाड़ियों की सोर्सिंग और प्राइजिंग पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि ये कारें मुख्य रूप से कॉर्पोरेट लीज रिटर्न, एनआरआई माइग्रेशन और नए मॉडल्स या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) में अपग्रेड करने वाले व्यक्तिगत मालिकों से आती हैं। वाहन की वास्तविक स्थिति, कुल किलोमीटर और पारदर्शी दस्तावेज ही इसकी सही कीमत तय करते हैं, जिससे ग्राहकों को बिना किसी जोखिम के प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव मिलता है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.