ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

FCNR(B) स्कीम: एनआरआई जमा बढ़ी, लेकिन बैंकों के मुनाफे पर बढ़ सकता है दबाव

Photo Source :

Posted On:Wednesday, July 29, 2026

भारत में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार की Foreign Currency Non-Resident (Bank) [FCNR(B)] डिपॉजिट स्कीम को एनआरआई का अच्छा समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय इस योजना में निवेश कर रहे हैं, जिससे देश में डॉलर और अन्य विदेशी मुद्राओं का प्रवाह बढ़ रहा है। हालांकि, इस सकारात्मक रुझान के बीच बैंकिंग सेक्टर के लिए एक नई चुनौती भी सामने आई है।

बैंकिंग विश्लेषकों के अनुसार, FCNR(B) डिपॉजिट्स आकर्षित करने के लिए बैंक ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दरों और अधिक लेवरेज की सुविधा दे रहे हैं। लेकिन विदेशों में ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम होने और लेंडिंग स्प्रेड सीमित रहने के कारण बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर उन बैंकों पर पड़ने की संभावना है जिनकी फंडिंग कॉस्ट पहले से कम है, जैसे ICICI Bank, HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank।

100 डॉलर जमा पर 800 डॉलर तक का लोन

FCNR(B) स्कीम के तहत कुछ बैंक ग्राहकों को जमा राशि के आधार पर अधिक लेवरेज उपलब्ध करा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, 100 डॉलर के डिपॉजिट पर 800 डॉलर तक का लोन देने जैसी सुविधाएं चर्चा में हैं। इससे एनआरआई निवेशकों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलता है, लेकिन बैंकों के लिए यह फंडिंग लागत और मार्जिन के लिहाज से चुनौती बन सकता है।

ICICI बैंक ने क्या कहा?

ICICI बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप बत्रा ने पोस्ट-अर्निंग्स मीडिया बातचीत में स्वीकार किया कि FCNR(B) स्कीम के तहत जुटाए गए नए डिपॉजिट्स की लागत सामान्य डिपॉजिट्स की तुलना में अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में मामूली कमी आ सकती है।

हालांकि, उनका कहना है कि बैंक लाभप्रदता और जोखिम के बीच संतुलन बनाए रखते हुए उपलब्ध सभी विकल्पों का बेहतर उपयोग करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि घरेलू ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है, तो बैंक का मार्जिन मौजूदा दायरे में बना रह सकता है।

बैंकों के सामने क्या है चुनौती?

विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकों को एक ओर एनआरआई ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें देनी होंगी, वहीं दूसरी ओर विदेशी बाजारों में कम ब्याज दरों के बीच लाभदायक लेंडिंग भी सुनिश्चित करनी होगी। यदि डिपॉजिट की लागत लगातार बढ़ती रही और लोन से मिलने वाला मार्जिन सीमित रहा, तो आने वाले समय में बैंकों की कमाई पर दबाव बढ़ सकता है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.