ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

भारतीय करेंसी में बड़े बदलाव की तैयारी: 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोटों का होने जा रहा है ट्रायल, जानें सामान्य नोटों से कितने हैं महंगे

Photo Source :

Posted On:Saturday, July 18, 2026

आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए अधिकांश लोग अपने पास नकद (कैश) रखना पसंद करते हैं। इसी नकद लेन-देन को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बड़े पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। आने वाले समय में बाजार में प्रचलित 10 और 20 रुपये के पारंपरिक नोटों का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है और उनकी जगह चमकीले प्लास्टिक (पॉलीमर) के नोट ले सकते हैं। आरबीआई की नोट मुद्रण इकाई 'भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड' (BRBNMPL) ने इसके ट्रायल के लिए एक ग्लोबल टेंडर भी जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद से आम जनता के बीच इन नए नोटों की छपाई लागत को लेकर जिज्ञासा काफी बढ़ गई है।

वर्तमान में भारत में उपयोग होने वाले 10 और 20 रुपये के सामान्य नोट पूरी तरह 100 प्रतिशत कॉटन (कपास) से बने होते हैं। सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा 10 रुपये के नोट को छापने की लागत लगभग 70 पैसे से 1.01 रुपये और 20 रुपये के नोट की लागत 95 पैसे से 1 रुपये प्रति नोट आती है। इसके विपरीत, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआत में एक नए प्लास्टिक नोट को विशेष पॉलीमर शीट पर छापने का खर्च करीब 2 से 6 रुपये तक आ सकता है, जो पारंपरिक नोटों की तुलना में काफी महंगा है।

लागत अधिक होने के बावजूद, दीर्घकालिक दृष्टिकोण से प्लास्टिक नोटों को बेहद किफायती और फायदेमंद माना जा रहा है। 10 और 20 रुपये के नोटों का दैनिक जीवन में सबसे ज्यादा रोटेशन होता है, जिससे सूती कागज वाले नोट जल्दी फट जाते हैं या नमी और पसीने से गल जाते हैं। पॉलीमर से बने होने के कारण प्लास्टिक के नोट पूरी तरह वाटरप्रूफ (जल-प्रतिरोधी) होंगे और इन पर धूल, पानी या नमी का कोई असर नहीं पड़ेगा। इनके फटने की संभावना भी न के बराबर होती है, जिससे इनकी शेल्फ-लाइफ सामान्य नोटों की तुलना में कई गुना अधिक होगी। यही वजह है कि केंद्रीय बैंक शुरुआती खर्च ज्यादा होने के बाद भी इसे भविष्य के लिए एक बेहतर और टिकाऊ विकल्प मान रहा है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.