अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में अब ज्यादा कर्मचारियों को ईपीएफ की सामाजिक सुरक्षा का फायदा मिल सकेगा। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में अनिवार्य नामांकन के लिए मासिक वेतन की सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी गई है। इस बदलाव से अहमदाबाद में करीब 2.25 लाख और कर्मचारी भविष्य निधि योजना के दायरे में आ सकते हैं। ईपीएफओ के अहमदाबाद कार्यालय के रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर-1 और प्रमुख सौरभ त्रिपाठी के मुताबिक, फिलहाल शहर में करीब 20 लाख लोग पीएफ के दायरे में हैं।
नई सीमा का फायदा ₹15,000 से ₹25,000 तक वेतन पाने वाले उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो तय पात्रता शर्तें पूरी करते हैं। इसके तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट सेविंग्स के साथ पेंशन और इंश्योरेंस जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मिल सकेंगी। पात्र कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड, पेंशन योजना और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना यानी ईडीएलआई का लाभ मिलेगा। देशभर में इस बदलाव से करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों के ईपीएफओ के दायरे में आने का अनुमान है।
ईपीएफओ ने गुजरात के नियोक्ताओं से कर्मचारियों के वेतन और रिकॉर्ड की दोबारा जांच करने को कहा है, ताकि पात्र कर्मचारियों का योगदान सही तरीके से दर्ज हो सके। नियमों का पालन नहीं करने वाले नियोक्ताओं पर ब्याज और जुर्माने समेत कार्रवाई हो सकती है। इससे पहले वेतन सीमा सितंबर 2014 में ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 की गई थी। अब एक बार फिर सीमा बढ़ाए जाने से ज्यादा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का कवरेज मिलने की उम्मीद है।
इस बीच, गुजरात में पिछले 10 साल में कर्मचारियों ने पीएफ से करीब ₹60,000 करोड़ निकाले हैं। ईपीएफओ की ओर से आरटीआई के जवाब में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2013-14 से 2023-24 के बीच इलाज के लिए 39.20 लाख क्लेम के जरिए ₹6,038 करोड़ निकाले गए। घर खरीदने या बनाने के लिए 8.53 लाख क्लेम में ₹5,914 करोड़ की निकासी हुई। इसी अवधि में परिवार में शादी और बच्चों की पढ़ाई के लिए ₹917 करोड़ निकाले गए। कुल मिलाकर पीएफ से निकासी करीब 300 फीसदी बढ़ी और 2014 में ₹2,395 करोड़ से बढ़कर 2023 में ₹9,367 करोड़ हो गई।